भगवद्गीताअध्याय 3

कर्म योग

अध्याय 343 श्लोक
श्लोक 3.1देखें →श्लोक 3.2देखें →श्लोक 3.3देखें →श्लोक 3.4देखें →श्लोक 3.5देखें →श्लोक 3.6देखें →श्लोक 3.7देखें →श्लोक 3.8देखें →श्लोक 3.9देखें →श्लोक 3.10देखें →श्लोक 3.11देखें →श्लोक 3.12देखें →श्लोक 3.13देखें →श्लोक 3.14देखें →श्लोक 3.15देखें →श्लोक 3.16देखें →श्लोक 3.17देखें →श्लोक 3.18देखें →श्लोक 3.19देखें →श्लोक 3.20देखें →श्लोक 3.21देखें →श्लोक 3.22देखें →श्लोक 3.23देखें →श्लोक 3.24देखें →श्लोक 3.25देखें →श्लोक 3.26देखें →श्लोक 3.27देखें →श्लोक 3.28देखें →श्लोक 3.29देखें →श्लोक 3.30देखें →श्लोक 3.31देखें →श्लोक 3.32देखें →श्लोक 3.33देखें →श्लोक 3.34देखें →श्लोक 3.35देखें →श्लोक 3.36देखें →श्लोक 3.37देखें →श्लोक 3.38देखें →श्लोक 3.39देखें →श्लोक 3.40देखें →श्लोक 3.41देखें →श्लोक 3.42देखें →श्लोक 3.43देखें →